प्रारम्भिक नाम :- राजस्थान नहर 2 नवम्बर 1984 को इन्दिरा गाँधी के नाम पर इसका वर्तमान नाम इंदिरा गांधी नहर परियोजना रखा....इसे प्रदेश की जीवनगंगा या मरूगंगा भी कहा जाता हैं। कंंवर सेन ने अपने प्रतिवेदन "बीकानेर राज्य में पानी की आवश्यकता ' में प्रथम बार अपनी इन महत्वाकांक्षी योजना का प्रारुप तैयार किया । 1953 में केन्द्रीय सिंचाई तथा नौवहन आयोग द्वारा परियोजना की प्रथम रिपोर्ट तैयार की गई जिसे विश्व बैंक द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई । इस परियोजना का शुभारम्भ 31 मार्च 1958 को तत्कालीन गृहमंत्री गोविन्द वल्लभ पंत द्वारा किया गया। 19 दिसम्बर 1958 को राजस्थान नहर बोर्ड का गठन किया गया तथा इसका प्रथम अध्यक्ष कंवर सेन को बनाया गया इन्दिरा गाँधी नहर का उद्गम व्यास तथा सतलज नदी के संगम पर स्थित हरिके बैराज फिरोजपुर,पंजाब (Harike Barrage Ferozepur, Punjab) से होता है ..इस नहर की कुल लम्बाई 649 किलोमीटर है (हरिके बैराज फिरोजपुर (पंजाब) से मोहनगढ़ (जैसलमेर) तक) इसमें 204 किलोमीटर राजस्थान फीडर (Rajasthan feeder) की लम्बाई है जो हरिके बैराज से मसीतावली (हनुमानगढ़) ...
Lect-1 Pdf notes मानचित्र का अर्थ एवं परिभाषा – Meaning and Definition of a Map मानचित्र किसे कहते हैं – कागज अथवा किसी समतल सतह पर पृथ्वी के सम्पूर्ण अथवा कुछ भाग के धरातलीय एवं सांस्कृतिक लक्षणों को दर्शाना मानचित्र कहलाता है। मानचित्र (Map) लैटिन भाषा के मैप्पा (Mappa) शब्द से लिया गया है। मानचित्र को फोटो चित्र से अलग रखा जाता है। फोटोचित्र में किसी वस्तु अथवा स्थान की वास्तविक आकृति आ जाती है। जब कि मानचित्र में दर्शाए जाने वाले विभिन्न विवरणों को रूढ चिन्हों (stereotypes) के द्वारा दर्शाया जाता है। एफ.जे. मॉक हाऊस ( F.J. Monk House): के मतानुसार: ‘निश्चित मापनी के अनुसार धरातल के किसी भाग के लक्षणों के समतल सतह पर निरूपण को मानचित्र कहते हैं।’ स्टैनले व्हाइट ( Stanley White) के अनुसार : मानचित्र वह साधारण चित्र है जिस पर किसी देश अथवा प्रदेश की आकृति को समतल सतह पर चित्रित किया जाता है। मानचित्रों का उद्देश्य ( Purpose of Maps ) मानचित्र का प्रथम उद्देश्य पथ्वी पर पाए जाने वाली विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवीय लक्षणों को मापनी के अनुसार छोटे आक...