अक्षांश एवं देशान्तर (Latitude and Longitude)
पृथ्वी का आकार और स्थिति (Shape and Position of Earth)
पृथ्वी का वास्तविक आकार: पृथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है। यह ध्रुवों (उत्तरी और दक्षिणी) पर थोड़ी चपटी है। विषुवत वृत्त (बीच में) पर थोड़ी उभरी हुई है। पृथ्वी के इस विशेष आकार को 'लध्वक्ष गोलाभ' (Geoid) कहा जाता है।
पृथ्वी की वास्तविक त्रिज्या:
6371 km (Approx/लगभग)
64,00,00,000 Cm
या 63,50,00,000 Cm
या 25,00,00,000 inch
संदर्भ बिंदु (Reference Points): पृथ्वी पर किसी स्थान की स्थिति बताने के लिए हमें कुछ बिंदुओं की जरूरत होती है। पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) से हमें दो प्राकृतिक बिंदु मिलते हैं:
उत्तरी ध्रुव (North Pole)
दक्षिणी ध्रुव (South Pole)
भौगोलिक ग्रिड (Geographical Grid): ग्लोब या मानचित्र पर काल्पनिक रेखाओं का एक जाल बनाया जाता है, जिससे किसी भी स्थान की स्थिति जानी जा सके। इसमें दो प्रकार की रेखाएं होती हैं:
क्षैतिज रेखाएं = अक्षांश (Latitudes)
ऊर्ध्वाधर (लंबवत्) रेखाएं = देशांतर (Longitudes)
2. अक्षांश समांतर (Latitudes / Parallels)
परिभाषा: अक्षांश वह कोणीय दूरी (Angular Distance) है, जो पृथ्वी के केंद्र से विषुवत वृत्त के उत्तर या दक्षिण में मापी जाती है।
विषुवत वृत्त (Equator - 0°):
यह पृथ्वी के बीचों-बीच खींची गई सबसे बड़ी रेखा है, जो ग्लोब को दो बराबर भागों में बांटती है।
इसे 'बृहत वृत्त' (Great Circle) भी कहते हैं।
अन्य अक्षांश रेखाएं:
विषुवत वृत्त के समांतर खींची गई अन्य रेखाएं ध्रुवों की ओर जाने पर आकार में छोटी होती जाती हैं। इन्हें 'लघु वृत्त' कहा जाता है।
अक्षांशों की संख्या:
विषुवत वृत्त का मान 0° है और ध्रुवों का मान 90° है।
यदि 1° के अंतराल पर रेखाएं खींची जाएं, तो उत्तरी गोलार्द्ध में 89 और दक्षिणी गोलार्द्ध में 89 रेखाएं होंगी।
पृथ्वी पर कुल अक्षांशों (समानांतरों) की संख्या: 181
पृथ्वी पर अक्षांशीय वृत्तों की संख्या: 179
अक्षांशीय वृहद् वृत्तों की संख्या: 1 (केवल भूमध्य रेखा)
अक्षांशीय लघु वृत्तों की संख्या: 178
दूरी (Distance): पृथ्वी के गोलाभ आकार के कारण दो अक्षांशों के बीच की दूरी थोड़ी बदलती है।
विषुवत वृत्त पर दूरी: 110.6 कि.मी.
ध्रुवों पर दूरी: 111.7 कि.मी.
3. देशांतर याम्योत्तर (Longitudes / Meridians)
परिभाषा: यह प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian) के पूर्व या पश्चिम में स्थित किसी बिंदु की कोणीय दूरी है।
बनावट:
ये रेखाएं उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से जोड़ती हैं।
ये अर्ध-वृत्ताकार (Semi-circle) होती हैं।
ये विषुवत वृत्त को समकोण (90°) पर काटती हैं।
प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian - 0°):
अंतर्राष्ट्रीय समझौते के तहत, लंदन के पास 'ग्रिनिच' (Greenwich) वेधशाला से गुजरने वाली रेखा को 0° देशांतर माना गया है।
यह पृथ्वी को पूर्वी गोलार्द्ध और पश्चिमी गोलार्द्ध में बांटती है।
विशेषता: देशांतरों से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य:
पृथ्वी पर देशांतरों की कुल संख्या: 360
पृथ्वी पर विपरीत याम्योत्तरों (अर्धवृत्तों) को मिलाने पर वृत्तों की संख्या: 180 वृत्तों का निर्माण होता है। ये सभी वृत्त पृथ्वी के भूग्रिड पर वृहद् वृत्त (Great Circle) के रूप में होते हैं।
देशांतरीय अर्धवृत्तों के मध्य की दूरी:
भूमध्य रेखा पर याम्योत्तरों के मध्य की दूरी: 111.32 km
45° अक्षांश पर दो याम्योत्तरों के मध्य की दूरी: 78 km
ध्रुवों पर देशांतरों की दूरी: शून्य (Zero)
भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर देशांतरों के मध्य की दूरी घटती जाती है।
गोरे (Gore): दो क्रमागत देशांतरों के मध्य स्थित क्षेत्र को गोरे (Gore) कहते हैं। पृथ्वी पर उपस्थित समस्त गोरों का क्षेत्रफल एक समान होता है।
Note:
पृथ्वी के भूग्रिड पर स्थित वृत्तों की संख्या: 359 (180 देशांतर + 179 अक्षांश)
पृथ्वी के भूग्रिड पर स्थित वृहद् वृत्तों की संख्या: 180 + 1 = 181
लघु वृत्तों की संख्या: 178
4. देशांतर और समय (Longitude and Time)
समय की गणना पृथ्वी के घूमने (Rotation) पर आधारित है।
पृथ्वी की गति: पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व घूमती है। इसीलिए सूर्योदय पूर्व में होता है।
गणित (Calculation):
पृथ्वी 24 घंटे में एक पूरा चक्कर (360°) लगाती है।
1 घंटे में घूमती है = 15°
1° घूमने में समय लगता है = 4 मिनट
समय का नियम:
जब हम पूर्व (East) की ओर जाते हैं → समय बढ़ता है (ग्रिनिच समय से आगे)।
जब हम पश्चिम (West) की ओर जाते हैं → समय घटता है (ग्रिनिच समय से पीछे)।
उदाहरण (Example):
अगर ग्रिनिच (0°) पर दोपहर के 12 बजे हैं, तो 90° पूर्व (थिंपू, भूटान) में समय क्या होगा?
अंतर = 90°
समय = 90 x 4 मिनट = 360 मिनट = 6 घंटे।
चूंकि यह पूर्व में है, इसलिए समय आगे होगा = शाम के 6 बजे।
6. मानक समय (Standard Time)
हर देश अपने मध्य से गुजरने वाली एक देशांतर रेखा को अपना 'मानक याम्योत्तर' चुनता है, ताकि पूरे देश में एक ही समय रहे।
चयन का नियम: मानक याम्योत्तर को 7030' (साढ़े सात डिग्री) के गुणांक में चुना जाता है, ताकि समय का अंतर आधे घंटे (30 मिनट) के गुणक में हो।
भारतीय मानक समय (IST):
भारत का मानक याम्योत्तर 82030' पूर्व (E) है।
यह रेखा मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) से गुजरती है।
समय का अंतर: भारत का समय ग्रिनिच (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
गणना: 82.5 x 4 = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट।
बड़े विस्तार वाले देश (जैसे रूस, अमेरिका) में एक से अधिक मानक समय होते हैं। विश्व को कुल 24 टाइम जोन में बांटा गया है।
7. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line)
स्थिति: यह 180° देशांतर के साथ-साथ निर्धारित की गई है।
यह वह स्थान है जहां पृथ्वी पर तारीख (Date) बदलती है।
विशेषता: 180° देशांतर पर 0° देशांतर (ग्रीनविच) से ठीक 12 घंटे का अंतर होता है।
दिन बदलने का नियम: यदि कोई व्यक्ति ग्रीनविच से पूर्व दिशा में चलकर 180° पार करता है, तो वहां समय 12 घंटे कम (या दिन का अंतर) होता है।
उदाहरण: मंगलवार को पूर्व दिशा में जाने वाला व्यक्ति जब इस रेखा को पार करता है, तो उसके लिए बुधवार हो जाता है। उसी दिन पश्चिम दिशा में यात्रा शुरू करने वाले व्यक्ति के लिए रेखा पार करने पर सोमवार का दिन हो जाता है।
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